Real revolutionary! Salute socialist, atheist Bhagat Singh

Reform or Revolution?

21 जनवरी 1930, लेनिन की छठी बरसी पर कोर्ट में पेशी के दौरान लाहौर षड्यंत्र केस के अभियुक्त भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त लाल स्कार्फ़ लगाए कोर्ट पहुँचते हैं । मजिस्ट्रेट द्वारा स्थान ग्रहण करते ही दोनों अभियुक्त “समाजवादी क्रान्ति ज़िंदाबाद, साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, कम्युनिस्ट इंटरनेशनल ज़िंदाबाद, लेनिन अमर रहे” के नारे लगाते हैं । इसके बाद भगत सिंह एक टेलीग्राम को पढ़ते हुए उसे तीसरे कम्युनिस्ट इंटरनेशनल को भेजने की मांग मजिस्ट्रेट से करते हैं । अंग्रेजी में लिखे उस टेलीग्राम के शब्द जो कोर्ट की कार्यवाहियों में कुछ इस प्रकार दर्ज़ हैं-
“ON 6th LENIN DAY WE SEND HEARTY GREETINGS TO ALL who are doing something for carrying forward the ideas of the great Lenin. We wish success to the great experiment Soviet Russia is carrying out. We join our voice to that of the international working class movement. The proletariat will win. Capitalism will be defeated…

View original post 3 more words

Advertisements