ममता बनर्जी ने पूरी औरत जात को कलंकित किया है, इन्हें औरत कहने में शर्म आती है. यह कभी भी चाहे वे केवल सादी धोती पहने या चाहे हवाई चप्पल. लेकिन इंसानियत के खिलाफ उनके दुष्कर्मों को माफ़ नहीं किया जा सकता है. बंगाल में बलात्कारों की बाढ़ आ गयी है और कभी भी यह पीड़ित के साथ खड़ी नहीं दिखाई दी. जैसे तृणमूल कांग्रेस ने आदेश दे दिया हो कि खुला राज है जो चाहो सो करो – पुलिस कुछ नहीं बोलेगी और मुख्यमंत्री भी कुछ नहीं बोलेगी. ऐसे लग रहा है कि जैसे महिलाओं से उनकी निजी दुश्मनी हो. खैर, इस सब का हिसाब देना पडेगा. खुशी की बात यह है कि इन्होंने शादी ही नहीं कि जिससे उनके बच्चों को यह ख़तरा नहीं उठाना पडेगा.
 
Advertisements